इश्क की बेमिसाल मूरत हो आप,मेरी ज़िंदगी की एक ज़रूरत हो आप,फूल तो बहोत प्यारे होते ही हे,पर फूलो से भी बहोत खूबसूरत हो आप

वादा करते हैं आपसे हमेशा दोस्ती निभाएंगे,कोशिश यही रहेगी आपको नहीं सताएंगे,जरूरत कभी पड़े तो दिल से पुकार लेना,किसी और के दिल में होंगे तो भी चले आएंगे!

ये दिल न जाने क्या कर बैठा,मुझसे बिना पूछे ही फैसला कर बैठा,इस ज़मीन पर टूटा सितारा भी नहीं गिरता,और ये पागल चाँद से मोहब्बत कर बैठा..!!

“मेरा अपना तजुर्बा है तुम्‍हें बतला रहा हूं मैंकोई लब छू गया था तबकि अब तक गा रहा हूं मैं

पाँव हौले से रख कश्ती से उतरने वालेजिंदगी अक्सर किनारों से ही खिसका करती है…

नजर में आपकी नज़ारे रहेंगे;पलकों पर चाँद सितारे रहेंगे;बदल जाये तो बदले ये ज़माना;हम तो हमेशा आपके दीवाने रहेंगे

तेरी ज़ुल्फ़ क्या संवारी,मेरी किस्मत निखर गयी..उलझने तमाम मेरी,दो लट में संवर गयी.

बीती बातें फिर दोहराने बैठ गए ,क्यों ख़ुद को ही ज़ख़्म लगाने बैठ गए ;अभी अभी तो लब पे तबस्सुम बिखरा था ,अभी अभी फिर अश्क बहाने बैठ गए ?

थौडी़ दीवानगी मै लाऊगा,थौडी़ वफा तुम ले आनासाझे में कर लेंगे फिर से कारौबार-ए- मौहब्बत

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